म्हारी रीत, म्हारे गीत

कोई भी शुभ घडी हो या दुःख का मंजर. कोई तीज त्यौहार हो या हो कोई मेला. कोई कार्यक्रम हो या फिर शादी ब्याह. हरियाणा में हर मौके के लिए रीत भी है और गीत भी. प्रदेश की इन्ही रीतों और इनसे जुड़े गीतों पर है हमारा ख़ास कार्यक्रम म्हारी रीत, म्हारे गीत. इस कार्यक्रम में हम दर्शकों को रूबरू करवाएंगे हरियाणवी संस्कृति में शामिल तीज त्योहारों, कार्यक्रमों और हर तरह के मौके पर होने वाले रीती रिवाजों और गाये जाने वाले गीतों से. सीरिज के हर एपिसोड में लिया जाएगा एक मौका और फिर दर्शकों को बताया जाएगा उसके बारे में. उम्मीद और विश्वास है की आज की युवा पीढ़ी के लिए यह कार्यक्रम जहाँ एक माध्यम बनेगा उनकी विरासत और इतिहास से रूबरू करवाने के लिए वहीँ बुजुर्गों को ले जाएगा गुज़रे ज़माने में.

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