रोहतक के करौंथा में चल रहे आश्रम विवाद में तीन दिन के बाद प्रशासन को अहम कामयाबी उश वक्त लगी…जब आश्रम के लोगों ने शांतिपुर्वक आश्रम खाली करने की बात को मान लिया..लेकिन उसी वक्त जब बसें गांवों से गुजरी तो उन बसों पर फिर से गांव वालों की तरफ से पथराव हो गया..रोहतक के करौंथआ में चल रहे आश्रम विवाद का निपटारा तीसरे दिन होते दिखा…जब सुबह ही डीसी ने आश्रम को खाली कराने की मांग कही थी…उसी के बाद से पुलिस बल को आश्रम के बाहर तैनात कर दिया गया था..और प्रशासन के तलख होते तेवरों को देखते  हुए आश्रम के प्रतिनिधिओं और प्रशासन के बीच में तीन दौर की बातचीत हुई…हर एक मीटिंग के बाद प्रशासन के सामने नई चुनौती आ रही  थी…ऐसे में एक वक्त आया जब पूरी पुलिस फोर्स को मुस्तैद कर दिया गया..औऱ लगा कि किसी भी वक्त आश्रम पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया जाएगा…इसके लिए  बार बार प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से आश्रम खाली कराने की अपील भी की जा रही थी… इन सबके बीच लगातार आश्रम की तरफ से भी मार्मिक अपील की जा रही थी..आश्रम में बैठे लोगों का कहना था कि वो अपने घर मेंबैठे है..औऱ अपनी पूजा कर रहे हैं..ऐसे में उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है… आखिरकार तीन बजे के करीब आश्रम के लोगों ने शांति पूर्वक आश्रम खाली कराने की बात को मांग लिया..जिसके बाद से आश्रम खाली करने का सिलसिला शुरू हुआ…लेकिन जब बसें झीघल गांव के पास पहुंची..तो गांव के लोगों ने बसों पर पथराव कर दिया..औऱ शांति की इन कोशिशों को एक बार फिर से धक्का लगा..प्रशासन और आश्रम की इस पहल के बाद इस मामले का हल निकलता दिखाई दे रहा है..बस जरूरत है तो तीनों पक्षों को इस बात को समझने की..कि इसका हल हिंसा से नहीं आपसी सहमति से ही निकल सकता है…

By admin