पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर सोमवती अमावस्या के चलते देश के अलग-अलग राज्यों से आये श्रदालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया… और अपने पित्रों को पिंडदान भी किया… श्रदालुओं ने सरस्वती तट पर स्थित प्रेत पीपल की परिक्रमा कर उसे जल अर्पित किया… सोमवती अमावस्या के दिन इस तीर्थ का विशेष महत्व बताया जाता है क्योंकि मान्यता है कि यहां करवाई गई गतिक्रिया पित्रों को मोक्ष प्रदान करती है ।

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