इंद्रीः हंसुमाजरा गांव में राजकीय प्रथमिक पाठशाला की बिल्डिंग को बने हुए 26 साल से ज्यादा हो चुके है। फिलहाल इस इस बिल्डिंग की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ी हुई है। जिससे बच्चों के साथ साथ टीचर्स और आंगनबाड़ी वर्कस में भी बिल्डिंग गिरने का डर बना रहता है।

उधर बीईओ साहब भी अपनी दलील दे रहे हैं।  ये पढ़ाई का मंदिर कम और भूत बंगला ज्यादा लग रहा है। तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब बच्चे यहां पढ़ने के लिए आते होंगे तो उनके मन में पढ़ने के ख्याल की बजाए दिवार गिरने का डर ज्यादा होता होगा। उधर टीचर और आंगनबाड़ी वर्कर को भी इस इमारत के गिरने का डर बना रहता है।

वहीं जब इस बारे में खण्ड शिक्षा अधिकारी राजपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने अपनी दलील दी। तीन महीने पहले निरिक्षण किया गया था। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि विभाग रुपये नहीं दे रहा है। तो अब सवाल ये है कि विभाग किसका इंतजार कर रहा हैं। किसी बड़े हादसे के होने का और अगर ऐसा हुआ तो जिम्मेदारी कौन लेगा ?

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